राष्ट्रीय कला उत्सव 2025-26: भारत की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच देने की अभिनव पहल

राष्ट्रीय कला उत्सव 2025-26: भारत की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच देने की अभिनव पहल

परिचय
भारत विविधताओं का देश है – यहाँ की कला, संगीत, नृत्य, नाटक और लोककथाएं इसकी आत्मा हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, विद्यार्थियों में कला प्रतिभा को पहचानने, प्रोत्साहित करने और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु राष्ट्रीय कला उत्सव 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। यह उत्सव न केवल प्रतिस्पर्धा का मंच है, बल्कि एक ऐसा अभियान भी है जो भारत को "विकसित भारत – वर्ष 2047 के भारत की परिकल्पना" की दिशा में सांस्कृतिक दृष्टि से मजबूत बनाने का संकल्प लेता है।


🌟 इस वर्ष की थीम: "विकसित भारत – वर्ष 2047 के भारत की परिकल्पना"

भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने पर देश किस रूप में होगा, इसकी झलक इस थीम में देखने को मिलेगी। प्रतियोगिताओं में प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थी इस सपने को रंग, स्वर, गति और कथा में ढालेंगे।


🏆 प्रतियोगिता की श्रेणियाँ

राष्ट्रीय कला उत्सव में विद्यार्थियों की भागीदारी निम्नलिखित पाँच प्रमुख श्रेणियों में होगी:

  1. संगीत (गायन एवं वादन)

    • एकल गायन (शास्त्रीय/उपशास्त्रीय/लोकगीत)

    • समूह गायन

    • एकल वादन (तंत्री/सूत्र/लाल वाद्य)

    • समूह वादन

  2. नृत्य

    • शास्त्रीय नृत्य (भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी आदि)

    • पारंपरिक लोक/जनजातीय नृत्य

    • समूह नृत्य (गैर-फिल्मी)

  3. नाटक (थिएटर)

    • लघु नाटक, रोल प्ले, माइम (अधिकतम 4 प्रतिभागी)

  4. दृश्यकला

    • द्वि-आयामी चित्रकला/रेखांकन

    • त्रि-आयामी मूर्तिकला

    • त्रि-आयामी स्थानीय खेल/हस्तशिल्प (2 प्रतिभागी)

  5. पारंपरिक कहानी वाचन

    • देश की किसी क्षेत्रीय परंपरा पर आधारित कहानियाँ

    • 1 टीम में 2 विद्यार्थी


📍 आयोजन स्तर व प्रक्रिया

प्रतियोगिताओं का आयोजन चार स्तरों पर किया जाएगा:

स्तरअंतिम तिथि
विकासखंड स्तर पर प्रतियोगिता सम्पन्न08 अगस्त 2025
ज़िला स्तरीय डेटा की Google फ़ॉर्म प्रविष्टि11 अगस्त 2025
ज़िला स्तर पर प्रतियोगिता सम्पन्न31 अगस्त 2025
संभाग स्तर पर डेटा जमा05 सितम्बर 2025
संभाग स्तर पर प्रतियोगिता सम्पन्न24 सितम्बर 2025
राज्य स्तरीय डेटा Google फ़ॉर्म प्रविष्टि13 अक्टूबर 2025
राज्य स्तर पर प्रतियोगिता सम्पन्न31 अक्टूबर 2025
राज्य स्तर का डेटा जमा05 नवम्बर 2025

👩‍🎓 प्रतिभागियों के चयन के दिशा-निर्देश

  • केवल कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी ही भाग ले सकेंगे।

  • हर विद्यालय से अधिकतम 12 विद्यार्थी (1 टीम प्रति श्रेणी) भाग ले सकते हैं।

  • विशेष आवश्यकता वाले (CWSN) और दिव्यांग विद्यार्थी भी भाग ले सकते हैं।

  • हर प्रतिभागी केवल एक श्रेणी में भाग ले सकेगा।


🏅 पुरस्कार एवं प्रोत्साहन

राज्य स्तर पर तीन श्रेणियों में नकद पुरस्कार दिए जाएंगे:

  • प्रथम पुरस्कार – ₹25,000/-

  • द्वितीय पुरस्कार – ₹20,000/-

  • तृतीय पुरस्कार – ₹15,000/-

  • अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र

  • सांत्वना पुरस्कार – ₹5,000/- प्रति टीम (दो श्रेणियों में)


📽️ वीडियो और प्रस्तुति रिकॉर्डिंग

  • राज्य स्तर पर भेजे जाने वाले वीडियो फ़ॉर्मेट में प्रस्तुति की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।

  • प्रत्येक प्रतियोगिता स्थल पर वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य है।

  • केवल स्वरचित और अप्रकाशित रचनाओं की ही अनुमति होगी।


📌 विशेष निर्देश

  • पिछली बार (2023 या 2024) जिन विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिल चुका है, वे इस वर्ष भाग नहीं ले सकेंगे।

  • इलेक्ट्रॉनिक या फ़िल्मी गीत/संगीत का प्रयोग वर्जित है।

  • कहानी वाचन में क्षेत्रीय भाषा की अनुमति है।

  • महिला प्रतियोगी की टीम में एक महिला शिक्षक अनिवार्य।


📎 पंजीयन, लेखन कार्य और प्रस्तुति रिपोर्टिंग

  • प्रत्येक विद्यालय द्वारा प्रतिभागियों की जानकारी परिशिष्ट-1 में भेजनी होगी।

  • प्रत्येक प्रतियोगिता का 100 शब्दों में विवरणात्मक लेख तैयार करना होगा।

  • वीडियो फाइल, फोटो, लेख और परिशिष्ट दस्तावेज trg.msamp@gmail.com पर भेजे जाएँगे।


📞 संपर्क सूत्र


✨ निष्कर्ष

राष्ट्रीय कला उत्सव 2025-26 न केवल विद्यार्थियों की कलात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करता है, बल्कि उन्हें भारत के सांस्कृतिक उत्तराधिकार को समझने और आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी देता है। यह एक ऐसा मंच है जहाँ से उभरते कलाकारों की यात्रा राष्ट्रीय पहचान तक पहुँच सकती है। आइए, इस कला पर्व को एक जनांदोलन बनाएं और हर प्रतिभा को उसका उचित मंच दिलाएं।

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