IGOT पोर्टल प्रशिक्षण: शिक्षकों और अधिकारियों के लिए मिशन कर्मयोगी का बड़ा कदम

 

मिशन कर्मयोगी योजना: शिक्षकों हेतु GOT पोर्टल पर अनिवार्य प्रशिक्षण 2025

परिचय

भारत सरकार द्वारा मिशन कर्मयोगी योजना की शुरुआत 2020 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य है— सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की क्षमता निर्माण ताकि वे बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल और दक्षता को विकसित कर सकें।

इसी कड़ी में मध्यप्रदेश शासन ने आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल के सहयोग से शिक्षकों और अधिकारियों के लिए IGOT (Integrated Government Online Training) पोर्टल पर प्रशिक्षण को अनिवार्य किया है।

यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय क्षमता निर्माण नीति 2023 के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




मिशन कर्मयोगी योजना क्या है?

मिशन कर्मयोगी योजना, जिसे National Programme for Civil Services Capacity Building (NPCSCB) भी कहा जाता है, का मुख्य उद्देश्य है:

  • सरकारी कर्मचारियों को नई नीतियों और कानूनों की जानकारी देना

  • डिजिटल माध्यम से 24x7 सीखने की सुविधा उपलब्ध कराना

  • शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना

  • शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक कल्याण से जुड़े कर्मचारियों को नई तकनीकों और प्रक्रियाओं से अपडेट रखना


शिक्षकों के लिए GOT पोर्टल पर प्रशिक्षण क्यों जरूरी है?

मध्यप्रदेश शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य, संभाग और जिला स्तर पर कार्यरत प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी अधिकारियों तथा सभी स्तर के शिक्षकों को अनिवार्य रूप से GOT पोर्टल पर प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा।

इस वर्ष सभी अधिकारियों और शिक्षकों को कुल 15 घंटे का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है।

  • प्रत्येक माह निर्धारित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • हर माह की सुझावात्मक सूची परिशिष्ट के रूप में जारी की गई है।

  • एक प्रशिक्षण मॉड्यूल की अवधि अधिकतम 50 मिनट है।

👉 खास बात यह है कि यदि कोई शिक्षक या अधिकारी अपनी रुचि के अनुसार अतिरिक्त प्रशिक्षण लेना चाहता है, तो वह भी स्वेच्छा से अन्य मॉड्यूल चुन सकता है।


IGOT पोर्टल पर उपलब्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल

वर्तमान में IGOT पोर्टल पर लगभग 166 मॉड्यूल उपलब्ध हैं। इनमें शिक्षा, प्रशासन, तकनीकी और सामाजिक विषयों से जुड़े प्रशिक्षण शामिल हैं।

कुछ प्रमुख प्रशिक्षण मॉड्यूल इस प्रकार हैं:

अगस्त 2025 के प्रशिक्षण

  1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020

  2. म. प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965

  3. सूचना का अधिकार अधिनियम 2005

  4. कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम 2013

सितम्बर 2025 के प्रशिक्षण

  1. बाल सहायता हेल्पलाइन 1098

  2. सतत् एवं व्यापक अधिगम तथा मूल्यांकन

  3. समावेशी शिक्षा

  4. कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय छात्रावास का परिचय

अक्टूबर 2025 के प्रशिक्षण

  1. समग्र शिक्षा अभियान

  2. व्यावसायिक शिक्षा नीति: नीति से क्रियान्वयन तक

  3. कार्यस्थल पर साइबर सुरक्षा

  4. स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन

नवम्बर 2025 के प्रशिक्षण

  1. ईमेल शिष्टाचार और शासकीय ईमेल आईडी का उपयोग

  2. शिक्षण की चार चरणीय विधियाँ

  3. मध्यप्रदेश सिविल सेवा यात्रा भत्ता नियम 1977

दिसम्बर 2025 के प्रशिक्षण

  1. ई-ऑफिस पोर्टल परिचय एवं दक्षता प्रशिक्षण

  2. शासकीय कर्मचारियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण तरीके

  3. मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियम 2015 (संशोधित 2022)

  4. सार्वभौमिक मानवीय मूल्य


प्रशिक्षण प्राप्त करने की प्रक्रिया

GOT पोर्टल पर प्रशिक्षण लेना बेहद आसान है।

  1. सबसे पहले IGOT पोर्टल पर लॉगिन करें

  2. अपने User ID और Password से प्रवेश करें।

  3. उपलब्ध मॉड्यूल की सूची में से प्रशिक्षण चुनें।

  4. वीडियो, क्विज़ और सामग्री को पूरा करें।

  5. सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट प्राप्त करें


शिक्षकों और अधिकारियों के लिए लाभ

GOT पोर्टल पर यह प्रशिक्षण न केवल अनिवार्य है, बल्कि शिक्षकों और अधिकारियों के लिए अत्यंत लाभकारी भी है। इसके फायदे इस प्रकार हैं:

  • नई शिक्षा नीति 2020 को समझने में आसानी

  • सूचना का अधिकार और आचरण नियमों का ज्ञान

  • कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम और साइबर सुरक्षा की जानकारी

  • समग्र शिक्षा अभियान और समावेशी शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग

  • ई-ऑफिस और डिजिटल गवर्नेंस की समझ


केस स्टडी: डिजिटल प्रशिक्षण से बदलाव

मध्यप्रदेश के कई जिलों में पहले से ही GOT पोर्टल पर प्रशिक्षण लिया जा रहा है। शिक्षकों का मानना है कि इस प्रशिक्षण से—

  • ऑनलाइन कामकाज की समझ बढ़ी है

  • विद्यालय स्तर पर पारदर्शिता और दक्षता आई है

  • छात्र-हितैषी वातावरण बनाने में मदद मिली है















निष्कर्ष

मिशन कर्मयोगी योजना अंतर्गत GOT पोर्टल पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों और अधिकारियों के लिए अनिवार्य एवं उपयोगी दोनों है। यह प्रशिक्षण न केवल उन्हें नए नियमों और नीतियों की जानकारी देगा, बल्कि उनके व्यावसायिक कौशल, प्रशासनिक दक्षता और डिजिटल क्षमता को भी मजबूत करेगा।

इसलिए सभी शिक्षक और अधिकारी समय-सीमा में निर्धारित प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरे करें और मध्यप्रदेश की क्षमता निर्माण नीति 2023 को सफल बनाने में योगदान दें।

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