🌱 स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2025-26 : स्कूलों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की नई पहल
परिचय
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने विद्यालयों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूलन को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पहले चल रहे स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार को अब एक नए, विस्तारित और सार्वभौमिक रूप में बदलकर स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (Swachh Evam Harit Vidyalaya Rating - SHVR) 2025-26 शुरू की गई है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल विद्यालय परिसर को स्वच्छ बनाना है, बल्कि बच्चों में स्वस्थ आदतें, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत विकास के मूल्यों को भी स्थापित करना है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि SHVR 2025-26 क्या है, इसके मुख्य मूल्यांकन बिंदु कौन से हैं, विद्यालयों को इसमें कैसे भाग लेना है, और क्यों यह पहल हमारे समाज के लिए इतनी आवश्यक है।
🚸 SHVR 2025-26 क्या है?
SHVR (Swachh Evam Harit Vidyalaya Rating), शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य सभी विद्यालयों को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में प्रेरित करना है।
इसके तहत देशभर के सभी विद्यालयों –
✔ शासकीय
✔ अशासकीय
✔ सहायता प्राप्त
✔ निजी स्कूल
को अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा।
🔑 मूल्यांकन के प्रमुख संकेतक (Key Assessment Parameters)
विद्यालयों को छह मुख्य श्रेणियों के 60 संकेतकों पर मूल्यांकन किया जाएगा। ये हैं:
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जल (Water) 💧
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पीने योग्य स्वच्छ जल की उपलब्धता
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वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण प्रणाली
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शौचालय (Toilet) 🚻
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लड़कों व लड़कियों के लिए अलग शौचालय
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दिव्यांग अनुकूल सुविधाएँ
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स्वच्छ और कार्यशील स्थिति
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हाथ धोना (Hand Washing with Soap) 🧼
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बच्चों को साबुन से हाथ धोने की आदत
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हैंडवॉश स्टेशन और पर्याप्त पानी की व्यवस्था
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संचालन एवं रखरखाव (Operations & Maintenance) 🛠️
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विद्यालय भवन, शौचालय, कक्षाओं और परिसर की सफाई
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कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक फ्री परिसर
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व्यवहार परिवर्तन एवं क्षमता निर्माण (Behavior Change & Capacity Building) 📖
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छात्रों और शिक्षकों के बीच स्वच्छता आदतों को बढ़ावा
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नियमित जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण
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मिशन लाइफ गतिविधियाँ (Mission LiFE Activities) 🌍
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पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियाँ
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वृक्षारोपण, ऊर्जा बचत, नवीकरणीय संसाधनों का उपयोग
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📲 पंजीकरण की प्रक्रिया
सभी विद्यालयों को UDISE कोड का उपयोग करके ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।
इसके लिए दो माध्यम उपलब्ध हैं:
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SHVR मोबाइल ऐप (NCERT द्वारा विकसित और Google Play Store पर उपलब्ध)
पंजीकरण के बाद विद्यालयों को:
✔ स्व-मूल्यांकन (Self-Assessment) करना होगा
✔ सभी 60 संकेतकों पर जानकारी भरनी होगी
✔ आवश्यक साक्ष्य (जियोटैग फोटो, दस्तावेज) अपलोड करने होंगे
🗓️ महत्वपूर्ण तिथियाँ
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पंजीकरण एवं स्व-मूल्यांकन की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2025
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जिला स्तर पर सत्यापन एवं चयन की अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2025
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राज्य शिक्षा केंद्र को नामांकन प्रेषण की अंतिम तिथि: 7 नवम्बर 2025
🏫 जिला और राज्य स्तर की जिम्मेदारियाँ
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अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (रमसा) को हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों का नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
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नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले के सभी विद्यालय समयसीमा के भीतर पंजीकरण और स्व-मूल्यांकन पूरा करें।
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जिला मूल्यांकन समिति आवेदनों की स्क्रीनिंग और मेरिट सूची तैयार करेगी।
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राज्य स्तर पर नामांकन और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
🛠️ क्षमता निर्माण और कार्यशालाएँ
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राज्य स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
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इसके बाद जिला स्तर पर स्थानीय क्षमता निर्माण कार्यशालाएँ आयोजित होंगी।
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इनका उद्देश्य शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को SHIVR प्रक्रिया की जानकारी देना और आवश्यक कौशल प्रदान करना है।
🌿 SHVR 2025-26 की आवश्यकता और महत्व
आज के समय में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण सिर्फ स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन के लिए भी आवश्यक है।
कुछ प्रमुख कारण:
✔ बीमारियों में कमी – स्वच्छ विद्यालय से बच्चों में संक्रमण और रोगों का खतरा घटेगा।
✔ बेहतर शिक्षा वातावरण – स्वच्छ और हरित परिसर से सीखने का माहौल सुधरेगा।
✔ पर्यावरणीय जिम्मेदारी – बच्चे छोटी उम्र से ही प्रकृति संरक्षण की आदतें सीखेंगे।
✔ राष्ट्रीय और वैश्विक योगदान – यह पहल भारत को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में मदद करेगी।
📊 केस स्टडी / उदाहरण
पिछले वर्षों में स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के तहत कई स्कूलों ने बेहतरीन काम किया था। उदाहरण के तौर पर:
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मध्य प्रदेश के ग्रामीण स्कूलों ने वर्षा जल संचयन और सोलर पैनल लगाकर छात्रों को जल और ऊर्जा संरक्षण का महत्व सिखाया।
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केरल के विद्यालयों ने कचरा प्रबंधन मॉडल लागू किया, जिससे उनका परिसर पूरी तरह प्लास्टिक-फ्री बना।
SHIVR 2025-26 इन प्रयासों को और व्यापक रूप देगा।
निष्कर्ष
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2025-26 केवल एक मूल्यांकन प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और पर्यावरण को संरक्षित रखने का एक बड़ा अभियान है।
हर विद्यालय को चाहिए कि वे इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करें और समयसीमा के भीतर पंजीकरण व मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करें।
👉 याद रखें –
"स्वच्छ विद्यालय, हरित विद्यालय ही स्वस्थ और सुरक्षित भारत का आधार हैं।" 🌱🇮🇳




