सत्र 2025-26 में विद्यार्थियों का शैक्षिक भ्रमण: समग्र शिक्षा अभियान, मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण पहल
मध्यप्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान (सेकेंडरी एजुकेशन) द्वारा सत्र 2025-26 में शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए राज्य अंतर्गत उच्च शैक्षणिक संस्थानों में शैक्षिक भ्रमण का महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान और अनुभव को बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा, करियर विकल्प और प्रवेश प्रक्रियाओं की समझ भी प्रदान करेगा।
यह ब्लॉग पोस्ट आपको बताएगा कि इस शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य क्या है, विद्यार्थी चयन कैसे होगा, भ्रमण स्थल कौन-कौन से हैं, नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ क्या हैं, सुरक्षा और व्यवस्थाएँ कैसी रहेंगी, तथा बजट एवं मॉनिटरिंग की प्रक्रिया क्या होगी।
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शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य
समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना 2025-26 के अनुसार, विद्यार्थियों को राज्य के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य:
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विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा संस्थानों के वातावरण का अनुभव कराना
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प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता मापदंड और करियर अवसरों की जानकारी देना
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विद्यार्थियों में उच्च अध्ययन के प्रति जागरूकता और प्रेरणा बढ़ाना
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विज्ञान, तकनीक, खेल, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्रों में उत्कृष्ट विद्यार्थियों को अवसर देना
यह पूरा कार्यक्रम विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और करियर-उन्मुख सोच विकसित करने का प्रयास है।
विद्यार्थी चयन प्रक्रिया (District Selection Criteria)
राज्य के लिए कुल 50,000 विद्यार्थियों का लक्ष्य स्वीकृत है। जिला स्तर पर विद्यार्थियों का चयन निम्न बिंदुओं के आधार पर किया जाएगा:
1. जिले की सभी शालाओं को अवसर
चयन ऐसा हो कि जिले की अधिकांश शालाओं के विद्यार्थियों को लाभ मिले।
2. कक्षा 10वीं की मेरिट
कक्षा 10वीं में जिले की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त अधिकतम 100 विद्यार्थी।
3. जिला विज्ञान प्रदर्शनी के विजेता
“जादू नहीं विज्ञान है” प्रदर्शनी में चयनित श्रेष्ठ 100 विद्यार्थी।
4. सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के प्रतिभागी
एक भारत श्रेष्ठ भारत, बैंड प्रतियोगिता, साहित्यिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट 100 विद्यार्थी।
5. सर्वाधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थी
जिले के प्रत्येक विद्यालय से 1 विद्यार्थी, जिसकी उपस्थिति सबसे अधिक हो।
6. कला उत्सव के प्रतिभागी
राष्ट्रीय/राज्य स्तर पर चयनित या सहभागी लगभग 20 विद्यार्थी।
7. बालिका छात्रावास की छात्राएँ
सर्वश्रेष्ठ परीक्षा परिणाम वाली 10 छात्राएँ, कुल अधिकतम 100।
8. खेलकूद स्पर्धा के विजेता
राष्ट्रीय, राज्य या जिला स्तर के खिलाड़ियों में से 100 विद्यार्थी।
इन मानदंडों से सुनिश्चित होगा कि प्रतिभाशाली, अनुशासित, बहुमुखी और आर्थिक-सामाजिक विभिन्न पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को समान अवसर मिले।
भ्रमण हेतु चयनित संस्थान (Places to Visit)
विद्यार्थियों को राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में ले जाया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:
राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान
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IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान)
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IISER (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान)
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CSIR – प्रगत पदार्थ एवं प्रक्रम अनुसंधान संस्थान, भोपाल
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID)
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Institute of Hotel Management (IHM)
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राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल
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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU), भोपाल
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)
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IIITDM जबलपुर
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IIM / CAT केंद्र इंदौर
स्थानीय विश्वविद्यालय और अन्य संस्थान
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इंजीनियरिंग कॉलेज
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चिकित्सा महाविद्यालय
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आईटीआई या तकनीकी संस्थान
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स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय
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आंचलिक विज्ञान केंद्र
इन संस्थानों का भ्रमण विद्यार्थियों को वास्तविक अनुसंधान, प्रयोगशालाओं, तकनीकी उपकरणों और आधुनिक शिक्षण-अध्ययन वातावरण से रूबरू कराएगा।
नोडल अधिकारी एवं समिति की जिम्मेदारियाँ
भ्रमण कार्यक्रम की सुचारू रूप से योजना एवं क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा।
1. जिला स्तर समिति का गठन
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अध्यक्ष: अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (समग्र शिक्षा – सेके. एजु.)
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सदस्य: विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य
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दायित्व: भ्रमण स्थल और तिथि निर्धारित करना
2. विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारी
प्रत्येक विकासखंड में:
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बीईओ या उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य नोडल अधिकारी होंगे
3. संस्थानों से पूर्व-अनुमति
भ्रमण से पहले नोडल अधिकारी संस्थान से संपर्क कर:
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कार्यक्रम की जानकारी
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प्रवेश अनुमति
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भ्रमण समय
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मार्गदर्शन व्यवस्था
सुनिश्चित करेंगे।
4. परिवहन एवं सुरक्षा व्यवस्था
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फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों का चयन
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ड्राइवर का लाइसेंस और संतुलित व्यवहार सुनिश्चित
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बालिकाओं के लिए महिला शिक्षिका की अनिवार्य उपस्थिति
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सुरक्षित मार्ग का चयन
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जोखिम-पूर्ण क्षेत्रों से दूरी
5. अभिभावक सहमति पत्र
भ्रमण से पूर्व सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों से सहमति पत्र प्राप्त किया जाएगा।
भ्रमण अवधि और समय सीमा
1. भ्रमण अवधि
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यह भ्रमण एक दिवसीय होगा
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यात्रा सुबह जल्दी शुरू हो ताकि दिनभर का पूर्ण उपयोग हो
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गंतव्य ज्यादा दूर न हो ताकि वापसी भी एक दिन में हो सके
2. समय सीमा
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अर्द्धवार्षिक परीक्षा के तुरंत बाद से
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30 नवंबर 2025 तक भ्रमण अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए
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भ्रमण हेतु रविवार या अवकाश दिवस का चयन उचित रहेगा
बजट और व्यय व्यवस्था
प्रति विद्यार्थी बजट: ₹2000/-
इस राशि में शामिल होंगे:
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भोजन
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स्वल्पाहार
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आवागमन व्यय
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डाक्यूमेंटेशन (फोटोग्राफी, रिपोर्ट आदि)
सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि:
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उपलब्ध बजट में ही गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था करें
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विद्यार्थियों को सुरक्षित, अनुशासित और प्रेरणादायक अनुभव प्रदान करें
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15 दिसंबर 2025 तक उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं भ्रमण प्रतिवेदन जमा करें
मॉनिटरिंग एवं डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया
मॉनिटरिंग
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अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक
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सहायक परियोजना समन्वयक (समग्र शिक्षा)
दोनों अधिकारी इस कार्यक्रम की निगरानी करेंगे।
डाक्यूमेंटेशन
प्रत्येक शाला:
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भ्रमण स्थल के रंगीन फोटोग्राफ
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विद्यार्थियों के अनुभव
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स्थल की जानकारी
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प्राप्त ज्ञान
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सुझाव एवं चुनौतियाँ
को सम्मिलित करते हुए एक रिपोर्ट तैयार करेगी।
जिला स्तर रिपोर्ट
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सभी शाला रिपोर्टों को संयोजित कर एक डिजिटल एवं हार्ड कॉपी रिपोर्ट तैयार होगी
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रिपोर्ट कक्ष 232, बी-विंग, तृतीय तल, लोक शिक्षण संचालनालय में जमा करना अनिवार्य है
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ईमेल पर भी कॉपी भेजी जाएगी: trg.rmsamp@gmail.com
इस शैक्षिक भ्रमण की विशेषताएँ
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विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों को समझने का अवसर
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आधुनिक विज्ञान, तकनीक और शोध पद्धतियों से परिचय
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जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा
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प्रतिभाशाली एवं मेधावी विद्यार्थियों के लिए प्रोत्साहन
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सुरक्षित, योजनाबद्ध और शैक्षणिक दृष्टि से उपयोगी कार्यक्रम
निष्कर्ष: भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम
समग्र शिक्षा अभियान द्वारा सत्र 2025-26 में आयोजित यह शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय प्रयास है। इससे विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और करियर विकल्पों को लेकर आवश्यक जागरूकता विकसित होगी।
सुरक्षा, व्यवस्थाओं, चयन प्रक्रिया और दस्तावेजीकरण के कठोर मानदंड इस कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाते हैं। ऐसे कार्यक्रम न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा भी प्रदान करते हैं।



