विद्यांजलि 5.0 विशेष स्वच्छता अभियान: मध्यप्रदेश के शासकीय स्कूलों में स्वच्छता की नई क्रांति (2025)
मध्यप्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के पत्र (दिनांक 17 अक्टूबर 2025) के आधार पर विद्यांजलि विशेष स्वच्छता अभियान 5.0 को पूरे प्रदेश में 18 अक्टूबर 2025 से 18 नवंबर 2025 तक चलाने का निर्णय लिया है। यह अभियान केवल एक महीने का नहीं, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन और शिक्षा के अधिकार अधिनियम की भावना को मजबूत करने वाला एक जन-आंदोलन है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह अभियान क्या है, क्यों जरूरी है और हम इसमें कैसे योगदान दे सकते हैं।
विद्यांजलि प्लेटफॉर्म: स्कूलों और समाज को जोड़ने वाला डिजिटल पुल
विद्यांजलि भारत सरकार का एक अनूठा डिजिटल पहल है जो 2021 में शुरू हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की जरूरतों को देश-विदेश में बसे स्वयंसेवकों, पूर्व छात्रों, कॉर्पोरेट संस्थाओं और सामुदायिक संगठनों से जोड़ना है। अब तक लाखों स्वयंसेवकों ने इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किताबें, फर्नीचर, डिजिटल उपकरण और श्रमदान जैसी मदद पहुंचाई है।
विद्यांजलि 5.0 इस प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा स्वच्छता फोकस्ड वर्जन है। इसमें सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि स्कूल परिसर को पूरी तरह से नया रूप देने की योजना है।
अभियान की समय-सीमा और लक्ष्य
- प्रारंभ: 18 अक्टूबर 2025
- समापन: 18 नवंबर 2025
- लक्ष्य: प्रदेश के सभी 1 लाख+ शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय
- फोकस क्षेत्र: वाइटवॉश, प्रांगण सौंदर्यीकरण, कक्षा सफाई, शौचालय मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, कचरा प्रबंधन
Vidyanjali Portal पर स्कूल की “डिमांड / रिक्वेस्ट दर्ज करने” की सरल स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया हिंदी में:
✅ स्टेप 1: पोर्टल पर लॉगिन करें
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वेबसाइट खोलें: [ vidyanjali.education.gov.in ]
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“School” लॉगिन विकल्प चुनें।
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मोबाइल नंबर/ई-मेल और पासवर्ड डालें और Sign-in करें।
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यदि पासवर्ड भूल गए हों तो “Forget/Generate Password” पर क्लिक करके नया पासवर्ड बनाएं।
✅ स्टेप 2: डिमांड/रिक्वेस्ट चुनें
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लॉगिन के बाद डैशबोर्ड में जाएँ।
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वहाँ आपको विकल्प मिलेगा — “Service/Activity” और “Asset/Material/Equipment” (जिन्हें आप मांगना चाहें)।
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“Service/Activity” में सेवाएँ-गत संबंधी मांगें जैसे- प्रशिक्षण, सलाह आदि।
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“Asset/Material/Equipment” में बुनियादी साधन-सामग्री, उपकरण आदि की मांग करें।
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✅ स्टेप 3: डिमांड फॉर्म भरें
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संबंधित विकल्प (उपरोक्त में से) चुनें।
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फॉर्म में मांगी गई जानकारी सावधानीपूर्वक भरें — जैसे- क्या जरूरत है, कितनी मात्रा, कारण, आदि।
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सभी आवश्यक फील्ड पूरा करें और Submit बटन दबाएँ।
✅ स्टेप 4: डिमांड की स्थिति देखें
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डैशबोर्ड पर जाएँ — वहाँ आपकी दर्ज की हुई रिक्वेस्ट सूची दिखेगी।
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आपने जो मांगी है उसके Action विकल्प से विवरण देखें-सम्पादित करें या बंद करें।
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यदि किसी रिक्वेस्ट की आवश्यकता नहीं रही हो तो “Close Request” विकल्प से उसे बंद कर सकते हैं।
✅ स्टेप 5: ट्रैकिंग व फॉलो-अप
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समय-समय पर पोर्टल लॉगिन कर स्थिति देखें।
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जरूरत हो तो प्रदेश/जिला तह कार्यालय से संपर्क करें और अपडेट लें।
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जितनी जल्दी संभव हो डिमांड दर्ज करें क्योंकि संसाधन सीमित हो सकते हैं।
अभियान में होने वाले प्रमुख कार्य (विस्तृत सूची)
1. वाइटवॉश और पुताई
पुरानी दीवारें, छतें और ब्लैकबोर्ड को नया रंग देना। एशियन पेंट्स, बर्जर जैसी कंपनियां पहले भी CSR के तहत पेंट दान कर चुकी हैं। इस बार भी विद्यांजलि पोर्टल पर रिक्वेस्ट डालकर मुफ्त पेंट प्राप्त किया जा सकता है।
2. प्रांगण का सौंदर्यीकरण
- फूलों की क्यारियां बनाना
- पेड़-पौधे लगाना (हर स्कूल में कम से कम 10 पौधे)
- वॉक-वे बनाना
- बेंच-कुर्सियों की मरम्मत
- दीवारों पर प्रेरक चित्र और स्लोगन लिखना
3. कक्षाओं की गहन सफाई
- फर्श की विशेष सफाई (फिनाइल, एसिड वॉश)
- खिड़कियों के शीशे साफ करना
- फर्नीचर पॉलिश करना
- पुरानी किताबों और कचरे का निपटान
4. शौचालय और पेयजल व्यवस्था
स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर स्कूल में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय अनिवार्य हैं। इस अभियान में टूटे नल, दरवाजे, टाइल्स की मरम्मत होगी। RO सिस्टम और पानी की टंकियों की सफाई भी शामिल है।
5. कचरा प्रबंधन
हर स्कूल में नीला-हरा डस्टबिन लगाना, कंपोस्ट पिट बनाना और प्लास्टिक मुक्त परिसर की मुहिम चलाना।
जनभागीदारी: अभियान की असली ताकत
इस अभियान की सबसे बड़ी खूबी है लोगों की भागीदारी। स्कूल अकेले नहीं चल रहे, बल्कि पूरा समाज साथ है। सहयोग लेने के स्रोत:
स्वयंसेवक
- सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारी
- कॉलेज के छात्र-छात्राएं
- NCC, NSS, स्काउट-गाइड कैडेट्स
- रोटरी क्लब, लायंस क्लब के सदस्य
पूर्व छात्र (अलुम्नाई)
हर स्कूल के पुराने छात्रों को व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक पेज या मीटिंग के जरिए जोड़ा जा सकता है। कई पूर्व छात्र विदेश में हैं और वे ऑनलाइन फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।
कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR)
मध्यप्रदेश में टाटा, रिलायंस, अडाणी, भारत फोर्ज जैसी बड़ी कंपनियां हैं। विद्यांजलि पोर्टल पर CSR रिक्वेस्ट डालते ही ये कंपनियां तुरंत मदद भेजती हैं।
गैर-सरकारी संगठन (NGO)
अक्षय पात्र, ईशा फाउंडेशन, आर्ट ऑफ लिविंग, गोदरेज जैसे संगठन पहले भी स्कूलों की मदद कर चुके हैं।
स्थानीय समुदाय
दुकानदार, किसान, अभिभावक, जनप्रतिनिधि – सभी श्रमदान या सामग्री दान कर सकते हैं।
विद्यांजलि पोर्टल का स्टेप-बाय-स्टेप उपयोग
- रजिस्ट्रेशन: https://vidyanjali.education.gov.in पर जाएं
- लॉगिन: UDISE कोड और पासवर्ड से लॉगिन करें
- प्रोफाइल अपडेट: स्कूल की तस्वीरें, जरूरतें अपडेट करें
- रिक्वेस्ट डालें: “स्वच्छता अभियान 5.0” कैटेगरी चुनें → जरूरी सामग्री/श्रमदान मांगें
- प्रोग्रेस अपलोड: हर दिन की फोटो, वीडियो और रिपोर्ट अपलोड करें
- सर्टिफिकेट प्राप्त करें: स्वयंसेवकों को डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा
सप्ताह-वार कार्ययोजना (आधिकारिक कैलेंडर)
लोक शिक्षण संचालनालय ने जो कैलेंडर जारी किया है, वह इस प्रकार है:
सप्ताह 1 (18-24 अक्टूबर)
- टीम गठन
- सर्वे और जरूरतों की लिस्ट
- अलुम्नाई मीटिंग
- पोर्टल पर रिक्वेस्ट डालना
सप्ताह 2 (25-31 अक्टूबर)
- वाइटवॉश शुरू
- कक्षा सफाई
- शौचालय मरम्मत
सप्ताह 3 (1-7 नवंबर)
- प्रांगण में पौधारोपण
- दीवार लेखन
- खेल मैदान की सफाई
सप्ताह 4 (8-18 नवंबर)
- फाइनल टच
- समापन समारोह
- रिपोर्ट सबमिट
प्रगति रिपोर्टिंग का प्रारूप
परिशिष्ट “अ” में दिया गया फॉर्मेट हर स्कूल को भरना है। इसमें शामिल करें:
- स्वयंसेवकों की संख्या
- प्राप्त सामग्री की लिस्ट
- किए गए कार्यों की फोटो (कम से कम 10)
- बच्चों की भागीदारी
- विशेष उपलब्धि (उदाहरण: 50 पौधे लगाए)
रिपोर्ट पहले जिला शिक्षा अधिकारी को, फिर राज्य स्तर पर भेजी जाएगी।
स्वच्छ स्कूल के फायदे (वैज्ञानिक आधार)
- स्वास्थ्य: साफ वातावरण से डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां कम होती हैं
- मानसिक स्वास्थ्य: सुंदर परिसर में बच्चों का तनाव कम होता है
- शिक्षा गुणवत्ता: स्वच्छ कक्षाओं में एकाग्रता बढ़ती है
- ड्रॉपआउट रेट: स्वच्छ शौचालय से लड़कियों का ड्रॉपआउट 30% तक कम हुआ है (यूनिसेफ रिपोर्ट)
मध्यप्रदेश के कुछ प्रेरक उदाहरण
- भोपाल: शासकीय माध्यमिक विद्यालय, बैरागढ़ में पूर्व छात्रों ने 2 लाख रुपए का पेंट दान किया
- इंदौर: मॉडल स्कूल में रोटरी क्लब ने 50 डस्टबिन और 20 पंखे लगवाए
- जबलपुर: एक NGO ने 100 पौधे और वॉटर कूलर दान किया
- ग्वालियर: NCC कैडेट्स ने पूरे सप्ताह श्रमदान किया
अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिकों के लिए प्रैक्टिकल टिप्स
शिक्षकों के लिए
- रोज सुबह 15 मिनट स्वच्छता कक्षा लें
- बच्चों को “स्वच्छता दूत” बनाएं
- सोशल मीडिया पर #Vidyanjali5MP हैशटैग यूज करें
अभिभावकों के लिए
- सप्ताह में एक दिन स्कूल आएं
- पुरानी किताबें, स्टेशनरी दान करें
- अपने बच्चे को स्वच्छता की आदत डालें
नागरिकों के लिए
- विद्यांजलि ऐप डाउनलोड करें
- नजदीकी स्कूल की मदद करें
- अपने ऑफिस की CSR टीम को टैग करें
निष्कर्ष: एक महीना, अनगिनत बदलाव
विद्यांजलि विशेष स्वच्छता अभियान 5.0 सिर्फ एक सरकारी आदेश नहीं है। यह हम सभी की जिम्मेदारी है। एक महीने में हम अपने स्कूलों को ऐसा बना सकते हैं कि बच्चे गर्व से कहें – “यह मेरा स्कूल है!”
18 नवंबर 2025 तक हर शासकीय स्कूल चमकता हुआ, हरा-भरा और स्वच्छ दिखना चाहिए। यह संभव है, बशर्ते हम सब मिलकर काम करें।
आपका एक छोटा सा कदम हजारों बच्चों का भविष्य बदल सकता है।
आज ही विद्यांजलि पोर्टल पर जाएं। अपनी स्कूल चुनें। मदद मांगें या मदद करें। स्वच्छ स्कूल, स्वस्थ भारत – यह हमारा संकल्प है!


























