विद्यार्थियों के लिए आधार अब विद्यालय के द्वार अभियान – द्वितीय चरण की पूरी जानकारी
प्रस्तावना
भारत सरकार और यूआईडीएआई (UIDAI) लगातार आधार नामांकन और अपडेट की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रयासरत है। विद्यार्थियों के लिए आधार अब विद्यालय के द्वार अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पहले चरण में यह अभियान 18 अगस्त से 30 सितंबर 2025 तक चयनित हायर सेकेंडरी स्कूलों में आयोजित किया गया। अब इसकी अवधि बढ़ाकर दूसरा चरण 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक तय की गई है।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि यह अभियान क्यों चलाया जा रहा है, इसमें क्या-क्या बदलाव हुए हैं, किस प्रकार छात्रों को इसका लाभ मिलेगा और स्कूल प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग की क्या भूमिका रहेगी।
अभियान का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विद्यार्थी आधार से जुड़ें या जिनका आधार अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) लंबित है, वे इसे समय पर पूरा कर सकें।
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विद्यार्थियों को आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए अब दूर-दराज के केंद्रों पर नहीं जाना होगा।
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नजदीकी हायर सेकेंडरी स्कूलों में ही आधार नामांकन/अपडेट कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
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इससे शिक्षा विभाग को भी UDISE पोर्टल पर विद्यार्थियों की सही जानकारी दर्ज करने में आसानी होगी।
पहले चरण की स्थिति
अभियान का पहला चरण 18 अगस्त से 30 सितंबर 2025 तक चला। इस दौरान चयनित स्कूलों में कैंप लगाकर आधार नामांकन और अपडेट की प्रक्रिया हुई।
लेकिन कुछ जिलों जैसे मंदसौर, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, पन्ना, भोपाल और सीधी में आधार कैंप की स्थिति संतोषजनक नहीं रही। छात्रों का MBU लंबित रहा। इसी वजह से दूसरा चरण शुरू करने की आवश्यकता पड़ी।
दूसरा चरण – 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक
दूसरे चरण में विद्यार्थियों के आधार अपडेट को तेज गति से पूरा करने के लिए नए प्रावधान किए गए हैं:
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लंबित MBU की सूची उपलब्ध
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UDISE पोर्टल पर छात्रों के आधार में लंबित MBU की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
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प्राचार्य इसे डाउनलोड कर संबंधित छात्रों को पहले से सूचित करेंगे।
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आधार किट और मशीनों का उपयोग
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राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई गई आधार किट/मशीनों का उपयोग चिन्हित स्कूलों में किया जाएगा।
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CSC संस्था और MPSEDC/e-Governance के सहयोग से यह प्रक्रिया जिलों में संचालित होगी।
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जिलों की जिम्मेदारी
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21 जिलों में CSC संस्था और 27 जिलों में जिला कलेक्टर के माध्यम से कैंप संचालित हो रहे हैं।
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शेष 33 जिलों को MPSEDC के साथ समन्वय करना होगा और अपनी योजना UIDAI को भेजनी होगी।
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विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए लाभ
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नजदीक में सुविधा: छात्रों को अब आधार अपडेट कराने के लिए दूरस्थ केंद्रों तक नहीं जाना पड़ेगा।
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समय की बचत: विद्यालय स्तर पर ही कैंप आयोजित होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
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आधार से जुड़ाव: छात्रों की शैक्षणिक जानकारी सही रूप से आधार से लिंक होगी, जिससे भविष्य की योजनाओं और छात्रवृत्तियों में उन्हें आसानी होगी।
प्राचार्यों और शिक्षा विभाग की भूमिका
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UDISE पोर्टल से सूची निकालना
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प्राचार्य अपने विद्यालय के उन छात्रों की सूची डाउनलोड करें जिनका MBU लंबित है।
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रोस्टर बनाना और सूचना देना
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छात्रों की सूची बनाकर उन्हें पहले से समय और तारीख बताई जाए, ताकि वे निर्धारित दिन आधार अपडेट करा सकें।
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रिपोर्टिंग और समन्वय
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प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को अपनी रिपोर्ट UIDAI और राज्य शिक्षा केंद्र को भेजनी होगी।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और प्रशिक्षण
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26 सितंबर 2025 को दोपहर 12 से 1 बजे तक UIDAI और राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारियों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई।
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इसमें सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, APC E&R और प्रोग्रामर शामिल होंगे।
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निचले स्तर पर BRC, BEO और चयनित हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य YouTube लिंक के माध्यम से लाइव जुड़ेंगे।
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आधार अब विद्यालय के द्वार अभियान
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आधार नामांकन और अपडेट 2025
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विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट (MBU)
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UDISE पोर्टल आधार सूची
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हायर सेकेंडरी स्कूलों में आधार कैंप
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UIDAI और राज्य शिक्षा केंद्र की पहल
केस स्टडी: भोपाल और सीधी जिले की स्थिति
भोपाल और सीधी जैसे जिलों में पहले चरण में आधार कैंप की प्रगति धीमी रही। छात्रों की लंबित MBU सूची बड़ी संख्या में पाई गई।
इसी अनुभव के आधार पर दूसरे चरण में इन जिलों को विशेष रूप से प्राथमिकता दी जा रही है। अतिरिक्त आधार किट उपलब्ध कराई जा रही हैं और विद्यालय स्तर पर रोस्टर बनाकर कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
"विद्यार्थियों के लिए आधार अब विद्यालय के द्वार" अभियान न केवल आधार अपडेट की प्रक्रिया को सरल बनाता है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी छात्र आधार से वंचित न रहे।
दूसरे चरण में जो बदलाव किए गए हैं, वे सीधे तौर पर छात्रों और अभिभावकों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।
सभी प्राचार्यों और शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। विद्यार्थियों को समय पर सूचना देकर उनका लंबित MBU पूरा कराया जाए, ताकि शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें निर्बाध रूप से मिल सके।
👉 यदि आप एक प्राचार्य या शिक्षा अधिकारी हैं, तो तुरंत UDISE पोर्टल पर जाकर लंबित छात्रों की सूची डाउनलोड करें और निकटतम आधार कैंप में उनका नामांकन/अपडेट सुनिश्चित करें।






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